लुइस रोड्रिग्स

Brazil
हरफनमौला

लुइस रोड्रिग्स के बारे में

नाम
लुइस रोड्रिग्स
जन्मतिथि
18 मार्च 2002
उम्र
24 वर्ष, 04 महीने, 20 दिन
जन्म स्थान
-
रोल
हरफनमौला
बल्लेबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी स्टाइल
दाएं हाथ का मध्यम-तेज गेंदबाज

लुइस रोड्रिग्स की प्रोफाइल

लुइस रोड्रिग्स का जन्म मार्च 18, 2002 को हुआ। इस हरफनमौला खिलाड़ी ने अब तक Brazil की ओर से क्रिकेट खेला है।

लुइस रोड्रिग्स की आईसीसी रैंकिंग

TestODIT20I
बल्लेबाजी00575
गेंदबाजी00315

लुइस रोड्रिग्स के करियर आँकड़े

बल्लेबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M00290000
Inn00270000
NO0060000
Runs004360000
HS--59----
Avg0020.760000
BF004600000
SR0094.780000
1000000000
500030000
6s00110000
4s00370000

गेंदबाजी आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
M00290000
Inn00280000
O00101.10000
Mdns0050000
Balls006070000
Runs005240000
W00330000
Avg0015.880000
Econ005.180000
SR0018.390000
5w0000000
4w0010000

क्षेत्ररक्षण आँकड़े

FormatTestODIT20IIPLFirst ClassList ADomestic T20
Catches0070000
Stumps0000000
Run Outs0020000

लुइस रोड्रिग्स के डेब्यू/अंतिम मैच

T20I MATCHES
डेब्यू
Brazil vs Chile on Oct 3, 2019
आखिरी
Brazil vs Peru on Aug 6, 2026

टीमें

Frequently Asked Questions (FAQs)

लुइस रोड्रिग्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कितने शतक लगाए हैं?

0 शतक

लुइस रोड्रिग्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट में किस फॉर्मेट में सबसे पहले डेब्यू किया?

टी20 फॉर्मेट

लुइस रोड्रिग्स ने वनडे में कितने विकेट लिए हैं?

0

लुइस रोड्रिग्स ने टी20 इंटरनेशनल में कितने विकेट लिए हैं?

33

न्यूज अपडेट्स

team india
SportsTak
Fri - 07 Aug 2026

गंभीर, अगरकर और फिजियो की भूमिका पर उठे बड़े सवाल

भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की फिटनेस, चयन प्रक्रिया और टीम प्रबंधन के बीच तालमेल को लेकर चर्चा छिड़ी हुई है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर, मुख्य कोच गौतम गंभीर और सहयोगी स्टाफ के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। तेज गेंदबाज हर्षित राणा की सर्जरी और वापसी पर चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि चयनकर्ता बिना कप्तान और कोच की मांग के किसी भी खिलाड़ी को टीम में शामिल नहीं करते। टीम में खिलाड़ियों की फिटनेस मंजूरी में फिजियो और मेडिकल टीम की भूमिका पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा संजू सैमसन, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, नीतीश कुमार रेड्डी और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ियों की इंजरी रिकवरी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तालमेल पर भी बातचीत हुई। सहायक कोचिंग स्टाफ में सितांशु कोटक और फिजियो डॉक्टर कमलेश जैन की जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

SHUBMAN GILL
SportsTak
Fri - 07 Aug 2026

टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन, 2 साल में 7वीं बार चोटिल हुए शुभमन गिल

भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की इंजरी एक बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। श्रीलंका के खिलाफ वार्म-अप मैच से ठीक पहले कप्तान शुभमन गिल के दाहिने हाथ की उंगली और अंगूठे में चोट लग गई, जिसके कारण उन्हें एहतियातन पहले दिन के खेल से बाहर रखा गया। पिछले दो सालों यानी अक्टूबर 2024 से अगस्त 2026 के दौरान शुभमन गिल 7 बार बड़ी चोटों का शिकार हो चुके हैं। इनमें गर्दन की जकड़न, अंगूठे का फ्रैक्चर, पैर में चोट और क्रैम्प्स जैसी समस्याएं शामिल हैं। गिल के अलावा जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा और नितेश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ी भी इंजरी की समस्या से जूझ रहे हैं। खिलाड़ियों की लगातार चोटों और वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर भारतीय क्रिकेट प्रबंधन के सामने बड़ी चिंता खड़ी हो गई है। 15 अगस्त से Galle में श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रही टेस्ट सीरीज से पहले कप्तान गिल की फिटनेस और टीम के इंजरी कंसर्न पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

TEAM INDIA
SportsTak
Fri - 07 Aug 2026

खिलाड़ियों की फिटनेस, वापसी का नियम और बीसीसीआई की ढिलाई पर बड़ी चर्चा

भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की फिटनेस, चोट से वापसी के प्रोटोकॉल और बीसीसीआई की नीतियों पर इस चर्चा में विस्तार से बात की गई है। चर्चा में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों की चोटों और उनकी वापसी के नियमों का जिक्र किया गया। यह सवाल उठाया गया कि क्या सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान फिटनेस नियम और प्रोटोकॉल लागू होने चाहिए या किसी को ढील दी जानी चाहिए। नीतीश कुमार रेड्डी के क्वाड इंजरी के गलत प्रबंधन और मैच से ठीक पहले फिटनेस आकलन पर भी सवाल उठाए गए। यह भी कहा गया कि केवल फिटनेस टेस्ट पास कर लेना काफी नहीं होता, बल्कि वास्तविक मैच खेलने के दौरान ही खिलाड़ी की शत-प्रतिशत फिटनेस का पता चलता है। खेल में ढिलाई बरतने और चोटिल खिलाड़ियों को जल्दबाजी में मैदान पर उतारने को लेकर प्रबंधन और फिजियो की भूमिका पर भी चर्चा की गई।